IIT रुड़की के विशेषज्ञों ने लिया लुधियाना बल्क वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट का तकनीकी जायजा
IIT रुड़की के विशेषज्ञों ने लिया लुधियाना बल्क वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट का तकनीकी जायजा
लुधियाना: वर्ल्ड बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की वित्तीय सहायता से चल रही लुधियाना बल्क वाटर सप्लाई स्कीम (LBWSS) की प्रगति का IIT रुड़की के तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने दो दिवसीय तकनीकी निरीक्षण किया। टीम ने परियोजना के विभिन्न हिस्सों का मौके पर जाकर जायजा लिया और अब तक हुई करीब 48 प्रतिशत भौतिक प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
यह परियोजना मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर और नगर निगम कमिश्नर श्री ओजस्वी अलंकार, IAS के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में नगर निगम लुधियाना द्वारा लागू की जा रही है।
IIT रुड़की के तीन विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण
तकनीकी समीक्षा के लिए IIT रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से डॉ. सुदीप्ता सरकार, डॉ. राजीब चौधरी और डॉ. सोनालिसा रे शामिल हुए। परियोजना की समीक्षा के दौरान प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) की ओर से सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर डॉ. पारुल गोयल, प्रोजेक्ट मैनेजर इंजीनियर गुरविंदर पाल सिंह, अन्य तकनीकी अधिकारियों और कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
580 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा
विशेषज्ञ टीम ने गांव बिलगा में निर्माणाधीन 580 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) का निरीक्षण किया। इसके अलावा विभिन्न ओवरहेड सर्विस रिजर्वायर (OHSR) साइटों और चल रहे MS पाइपलाइन कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
टीम ने साइट पर मौजूद इंजीनियरों और कार्यरत टीमों से बातचीत कर निर्माण की मौजूदा स्थिति, काम की गति और सामने आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी हासिल की।
तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की भी जांच
विशेषज्ञों ने यह भी जांचा कि निर्माण कार्य स्वीकृत ड्रॉइंग, निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। साइट स्तर पर सामने आ रही तकनीकी समस्याओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर परियोजना टीम के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
IIT रुड़की के विशेषज्ञों ने निर्माण की गुणवत्ता, वर्कमैनशिप और कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव भी दिए।
शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
लुधियाना बल्क वाटर सप्लाई स्कीम शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। विशेषज्ञों की तकनीकी समीक्षा से परियोजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने और विभिन्न तकनीकी पहलुओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।