एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 2 सितंबर तक बढ़ी, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 August 26, 2026

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अपनी मा

मोगा। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अपनी मांगों को लेकर रोष जता रहे एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल को 2 सितंबर तक जारी रखने का फैसला किया है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो पंजाब के वित्त मंत्री का घेराव किया जाएगा।एनएचएम कर्मचारी यूनियन मोगा के प्रधान डॉ. सिमरपाल सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्वास्थ्य विभाग में योग्य प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती होकर पिछले 15 से 20 वर्षों से ठेके पर सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मचारियों के साथ सरकार ने स्थायी करने के वादे किए थे, लेकिन अब सरकार अपने वादों से पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में सरकार के साथ 40-45 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन इन बैठकों में कर्मचारियों की मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि सरकार की कथित टालमटोल नीति से कर्मचारियों में भारी रोष है।

इसी के चलते यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल 2 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सिविल सर्जन कार्यालय से प्रताप चौक तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए पर्चे बांटे और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से ‘लारों की पंड’ भी जलाई।

डॉ. सिमरपाल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ‘समान काम, समान वेतन’, ग्रेच्युटी तथा आयु सीमा में बढ़ोतरी सहित अन्य मांगें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इसलिए सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द अधिसूचना जारी करनी चाहिए। इस अवसर पर जसवीर सिंह मोगा ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल नहीं किया तो यूनियन की ओर से सरकार का विभिन्न स्तरों पर विरोध और घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सीएचओ यूनियन के प्रधान डॉ. गुरविंदर सिंह सहित डॉ. अजय, डॉ. नवदीप कौर, डॉ. लखवीर बावा, डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. मनिंदर कौर, डॉ. रितिका, डॉ. मनिंदर, सुमित बजाज, शुभम बजाज, प्रवीण, शालू और शाइना सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारियों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार कर अधिसूचना जारी करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर से टालमटोल की नीति अपनाई गई तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।

यूनियन नेताओं ने कहा कि जल्द ही पंजाब के वित्त मंत्री का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने हड़ताल के कारण प्रभावित होने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होने की बात कही।इस मौके पर फार्मासिस्ट रुपिंदर सिंह, मनप्रीत कौर बीएसए डरोली भाई सहित बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।

 

 

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