अटारी-वाघा बॉर्डर पर BSF जवानों को बहनों ने बांधी राखी, देश की रक्षा में तैनात वीरों को किया नमन
अटारी-वाघा बॉर्डर पर BSF जवानों को बहनों ने बांधी राखी, देश की रक्षा में तैनात वीरों को किया नमन
अमृतसर: रक्षाबंधन के पावन अवसर से पहले अटारी-वाघा बॉर्डर की जीरो लाइन पर भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। हलका पश्चिमी की माननीय श्रीमती बलविंदर कौर जी ने अन्य बहनों के साथ सीमा पर तैनात BSF जवानों की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान बहनों ने जवानों को अपनेपन का एहसास कराया और उनकी लंबी उम्र व सुरक्षित सेवा की कामना की।
28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन
भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी खुशहाली और सुरक्षा की कामना करती हैं। लेकिन देश की सीमाओं पर तैनात जवान अक्सर त्योहार के मौके पर भी अपने परिवार से दूर रहकर ड्यूटी निभाते हैं।
इसी भाव को ध्यान में रखते हुए बहनों ने अटारी-वाघा बॉर्डर पर BSF जवानों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।
जवानों को मिला बहनों का प्यार और सम्मान
राखी बांधने के दौरान बहनों ने जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। यह पहल उन जवानों के लिए खास रही, जो अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा में दिन-रात डटे रहते हैं।
बहनों ने कहा कि जवानों को त्योहार के दिन अपने परिवार से दूर होने का एहसास न हो, इसी भावना के साथ उनके साथ रक्षाबंधन मनाया गया।
देश की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं जवान
सीमा पर तैनात जवान केवल देश की सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि करोड़ों देशवासियों को सुरक्षित होने का भरोसा भी देते हैं। उनकी बहादुरी, त्याग और देशभक्ति को इस अवसर पर नमन किया गया।
अटारी-वाघा बॉर्डर पर मनाया गया यह रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ देश और उसके वीर जवानों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का भी संदेश देता है।