राष्ट्रीय गान विवाद पर जयराम ठाकुर का पलटवार, बोले- वीडियो से साफ है सदन में नहीं हुआ अपमान
शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रीय गान को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। जयराम ठाकुर ने कहा कि वीडियो क्लिपिंग सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि विधानसभा सदन के अंदर राष्ट्रीय गान का कोई अपमान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो को कम से कम दस बार देखा है और उसमें ऐसी कोई बात नजर नहीं आती।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में 68 विधायकों और प्रदेश की करीब 75 लाख जनता के सामने झूठ बोला है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देकर कांग्रेस ने जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किए और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की, लेकिन अब वीडियो सामने आने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई है। मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं ने जिस तरह से इस मामले को पेश किया, वह सरासर गलत है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सदन से लेकर जनसभाओं तक लगातार गलत तथ्य जनता के सामने रख रहे हैं और प्रदेश की जनता अब इसे महसूस कर रही है।
राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत की तुलना किए जाने के आरोप पर जयराम ठाकुर ने कहा कि दोनों की तुलना नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई की अधिसूचना में स्पष्ट प्रोटोकॉल निर्धारित है कि यदि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान दोनों गाए जाने हैं, तो पहले राष्ट्रीय गीत और उसके बाद राष्ट्रीय गान गाया जाएगा। उन्होंने 15 अगस्त का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दिन भी पहले ‘वंदे मातरम’ और बाद में ‘जन गण मन’ गाया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर जयराम ठाकुर ने कहा कि वह अध्यक्ष पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष भी नियमों और संविधान से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष से नियमों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है, तो विधानसभा अध्यक्ष को भी नियमों और संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करना होगा। वह इस पूरे मामले में विधानसभा अध्यक्ष से अगली व्यवस्था की मांग करेंगे और वीडियो क्लिपिंग के आधार पर सदन के भीतर लगाए गए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग रखेंगे।