किन्नौर में ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ की शुरुआत, कम खर्च में होगा विवादों का समाधान
हिमाचल प्रदेश: किन्नौर में लोगों को लंबे समय से चले आ रहे विवादों से राहत दिलाने के उद्देश्य से “मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0” अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को विवादों के वैकल्पिक समाधान के लिए प्रेरित करना और लंबे समय से लंबित मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, किन्नौर के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय ठाकुर ने बताया कि अभियान के तहत ऐसे मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं।
इन मामलों का हो सकता है मध्यस्थता से समाधान
अभियान के तहत विवाह एवं पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन चालान, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद तथा ऋण वसूली से जुड़े मामलों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा विभाजन एवं बेदखली के मुकदमे, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों को भी मध्यस्थता के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से होगा समाधान
अजय ठाकुर ने बताया कि मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्ष एक प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर अपने विवाद का समाधान कर सकते हैं। मध्यस्थता प्रक्रिया की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह गोपनीय, लचीली और कम खर्चीली होती है।
लंबित मामलों के समाधान तक जारी रहेगा अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक लंबित मामलों को अधिक से अधिक संख्या में सुलझाने का प्रयास पूरा नहीं हो जाता।
प्राधिकरण ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने लंबित विवादों के शीघ्र और कम खर्च में समाधान के लिए मध्यस्थता का लाभ उठाएं। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि पक्षकारों को भी समय और धन की बचत के साथ आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर मिलेगा।