राष्ट्रगीत के मुद्दे पर घिरी कांग्रेस, अब प्रदेश के सवालों से भागने के लिए गढ़ रही झूठे नैरेटिव : अखिलेश कपूर

📍 स्थान / Location: Kullu 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 BJP Leader Akhilesh Kapoor 📅 August 22, 2026 🌐 GPS: KULLU

कुल्लू: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के मुद्दे पर घिरी कांग्रेस अब अपनी असहज स्थिति से बचने के लिए नए-नए नैरेटिव गढ़कर प्रदेश की जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र हिमाचल की जनता के सवालों पर जवाबदेही तय करने का अवसर है, लेकिन कांग्रेस सरकार जनता के सवालों का सामना करने के बजाय विवादों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के सहारे मुद्दों को भटकाने का प्रयास कर रही है।

अखिलेश कपूर ने कहा कि आज हिमाचल का युवा रोजगार मांग रहा है, किसान-बागवान अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं, कर्मचारी और पेंशनर अपने लंबित मामलों का जवाब मांग रहे हैं तथा आम जनता बढ़ती महंगाई और लगातार लगाए जा रहे नए करों एवं शुल्कों के बोझ से परेशान है। ऐसे समय में सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए, लेकिन कांग्रेस जवाबदेही से बचने के लिए नए नैरेटिव गढ़ने में लगी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने हिमाचल की जनता से दस बड़ी गारंटियां की थीं। पांच लाख युवाओं को रोजगार, महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, बागवानों को अपनी फसल की कीमत तय करने का अधिकार, युवाओं के लिए 680 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड, हर विधानसभा क्षेत्र में चार अंग्रेजी माध्यम के स्कूल, गांव-गांव मोबाइल क्लीनिक तथा पशुपालकों से दूध और गोबर खरीदने जैसे बड़े-बड़े वादे किए गए थे।

कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के इतने समय बाद भी इन गारंटियों को लेकर जनता के सामने स्पष्ट और संतोषजनक हिसाब नहीं रख पाई है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाली कांग्रेस अब उन वादों पर सवाल पूछे जाने पर विषय बदलने और नए राजनीतिक नैरेटिव खड़े करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने जनता को राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, वही सरकार आज टैक्स और विभिन्न शुल्कों का बोझ जनता पर डाल रही है। पेट्रोल-डीजल से लेकर बिजली, पानी और अन्य सेवाओं से जुड़े शुल्कों में बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। सरकार को बताना चाहिए कि चुनाव से पहले राहत और गारंटियों का वादा करने के बाद आज जनता पर आर्थिक बोझ क्यों बढ़ाया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस नैरेटिव बदल सकती है, लेकिन जनता के सवाल नहीं बदल सकते। पांच लाख रोजगार की गारंटी का हिसाब देना होगा, महिलाओं को 1500 रुपये की गारंटी का जवाब देना होगा, 300 यूनिट मुफ्त बिजली का सच बताना होगा और बागवानों, युवाओं तथा पशुपालकों से किए गए वादों की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि विधानसभा जनता के मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब लेने का मंच है, राजनीतिक ध्यान भटकाने का मंच नहीं। यदि सरकार के पास अपनी उपलब्धियां हैं तो वह सदन में उनका हिसाब दे और जनता से किए गए वादों की प्रगति स्पष्ट करे।

अखिलेश कपूर ने कहा कि “कांग्रेस एक तरफ अपनी दस गारंटियों का हिसाब देने से बच रही है और दूसरी तरफ जनता पर टैक्सों और शुल्कों का बोझ बढ़ाती जा रही है। अब जब सरकार से रोजगार, विकास, बागवानों की समस्याओं और आर्थिक स्थिति पर सवाल पूछे जा रहे हैं तो नए-नए नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं। हिमाचल की जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है।” उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश के वास्तविक जनहित के मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाएगी। कांग्रेस मुद्दों से भाग सकती है, लेकिन जनता के सवालों से नहीं भाग सकती। जनता अब भाषण नहीं, दस गारंटियों का हिसाब और अपने ऊपर डाले जा रहे आर्थिक बोझ का जवाब मांग रही है।

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