फसल विविधता की ओर बढ़ा किसान जगनंदन सिंह का कदम, 9 एकड़ में तिल व मूंग की खेती
मोगा: पंजाब सरकार द्वारा फसल विविधता को बढ़ावा देने और धान पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी मुहिम के तहत गांव डाला के अग्रणी किसान जगनंदन सिंह ने धान की पारंपरिक खेती से हटकर 3 एकड़ में तिल तथा 6 एकड़ में खरीफ मूंग की खेती कर सराहनीय पहल की है।
मुख्य कृषि अधिकारी मोगा डॉ. अमृतपाल सिंह के दिशा-निर्देशों तथा ब्लॉक कृषि अधिकारी मोगा-1 डॉ. गुरमिंदर सिंह बराड़ की अगुवाई में किसान द्वारा अपनाई गई यह पहल धान-गेहूं के पारंपरिक फसल चक्र में बदलाव और भूजल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।कृषि विकास अधिकारी डॉ. किरनदीप कौर ने किसान के खेत का दौरा कर तिल और खरीफ मूंग की खेती संबंधी जानकारी दी तथा उन्हें अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती से किसान पानी की बचत करने के साथ खेती को अधिक टिकाऊ बना सकते हैं।उन्होंने बताया कि तिल एक महत्वपूर्ण तिलहन फसल है, जबकि खरीफ मूंग दलहन फसल होने के कारण मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायक होती है। इन फसलों में धान की तुलना में कम पानी की आवश्यकता होती है, जिससे भूजल संरक्षण के साथ किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी के अवसर भी पैदा होते हैं।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को तिल, खरीफ मूंग, अरहर, मक्का, कपास और बाजरा सहित अन्य कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य धान पर निर्भरता कम करने के साथ भूजल का संरक्षण और टिकाऊ कृषि को मजबूत करना है।
कृषि विभाग ने किसान जगनंदन सिंह के प्रयास की सराहना करते हुए अन्य किसानों से भी वैकल्पिक फसलों को अपनाने की अपील की है। विभाग के अनुसार ऐसे प्रयास पानी की बचत, मिट्टी की सेहत में सुधार, खेती की लागत को नियंत्रित करने तथा लंबे समय में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। किसान जगनंदन सिंह की पहल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक मिसाल बन सकती है।