कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर मोगा रहा पूर्ण बंद।
कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर मोगा रहा पूर्ण बंद।
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर विभिन्न जत्थेबंदियों ने दिया समर्थन, आगू बोले—मांगें न मानीं तो संघर्ष होगा और तीखा।
मोगा, 21 अगस्त (दलीप कुमार) बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब बंद के तहत जिला मोगा में भी पूर्ण तौर पर बंद रहा। बंद के दौरान शहर के बाजारों सहित विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को शिरोमणि अकाली दल अमृतसर, अकाली दल वारिस पंजाब दे, कीर्ति किसान यूनियन सहित विभिन्न किसान जत्थेबंदियों और अन्य संगठनों ने समर्थन दिया। इस दौरान विभिन्न जत्थेबंदियों के आगुओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांग है। उन्होंने कहा कि बीती 15 अगस्त को सिख कौम की ओर से चंडीगढ़ में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर राज्यपाल को मांग पत्र सौंपने का प्रयास किया गया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर गैर-मानवीय व्यवहार किया गया। इससे सिख समुदाय में भारी रोष और नाराजगी है।
आगुओं ने कहा कि बंदी सिंह अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं, इसलिए उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं और बंदी सिंहों की रिहाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया और इस संबंधी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तीखा किया जाएगा। उन्होंने पंजाब बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों, किसान संगठनों तथा विभिन्न जत्थेबंदियों का धन्यवाद भी किया।