लद्दाख में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू, मतदाता सूची संशोधन के आदेश

📍 स्थान / Location: Srinagar 🗂️ विषय / Category: जम्मू और कश्मीर / J & K 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 August 21, 2026 🌐 GPS: Srinagar

लद्दाख में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू, मतदाता सूची संशोधन के आदेश

जम्मू: लद्दाख प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में लंबे समय से लंबित पंचायत चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। प्रशासन ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) को मतदाता सूचियों के संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने और इसके बाद औपचारिक चुनाव अधिसूचना जारी करने की दिशा में आगे बढ़ने को कहा है।

लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने लेह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर निर्वाचित संस्थाओं को फिर से सक्रिय करना और स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

193 पंचायतों में चुनाव की तैयारी

लद्दाख में कुल 193 पंचायतें हैं। इनमें 95 पंचायतें लेह जिले और 98 पंचायतें कारगिल जिले में हैं।

प्रशासन के अनुसार, सबसे पहले मतदाता सूचियों का संशोधन किया जाएगा। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग चुनाव अधिसूचना जारी करेगा और चुनाव से जुड़ी अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

लद्दाख में पिछली पंचायत और नगरपालिका चुनाव वर्ष 2018 में हुए थे। उस समय लद्दाख तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। निर्वाचित स्थानीय निकायों का कार्यकाल बाद में 2023 और 2024 की शुरुआत में समाप्त हो गया था।

सात हिल काउंसिल के चुनाव भी प्रस्तावित

प्रशासन ने लद्दाख की सभी सात जिला स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (LAHDCs) के चुनाव एक साथ कराने की योजना भी बनाई है।

मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने संकेत दिया कि हिल काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है, क्योंकि इसके लिए कई वैधानिक और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

पहले लद्दाख में दो हिल काउंसिल थीं, लेकिन नए जिलों के गठन के बाद इनकी संख्या बढ़कर सात हो गई है। फिलहाल कारगिल में निर्वाचित हिल डेवलपमेंट काउंसिल मौजूद है, जबकि बाकी छह परिषदों के चुनाव लंबित हैं।

नगर निकाय चुनाव भी लंबित

लद्दाख में नगरपालिका चुनाव भी अभी होने बाकी हैं। प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर निर्वाचित संस्थाओं को फिर से सक्रिय करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

UT स्तर की निर्वाचित संस्था पर अभी सहमति बाकी

लद्दाख के लिए केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर निर्वाचित संस्था गठित करने की मांग भी लगातार उठ रही है। इस मुद्दे पर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रस्तावित संस्था को तत्काल गठित नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके ढांचे, अधिकारों, चुनाव प्रणाली और कानूनी व्यवस्था को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संस्था के मॉडल, शक्तियों और चुनाव कराने के तरीके सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को निर्णय लेना होगा।

LAB और KDA ने केंद्र के सामने रखीं मांगें

आशीष कुंद्रा के अनुसार, इस मुद्दे पर लेह में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों, लेह एपेक्स बॉडी (LAB), कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) और लद्दाख के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक हुई।

LAB और KDA के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित निर्वाचित संस्था के लिए लद्दाख की परिस्थितियों के अनुरूप अलग व्यवस्था की मांग की। उन्होंने अनुच्छेद 371 से संबंधित प्रावधानों को लागू करने की मांग भी रखी।

दोनों क्षेत्रीय संगठनों ने केंद्र के विचार के लिए अपनी कुछ मांगों को गैर-परक्राम्य यानी ‘नॉन-नेगोशिएबल’ बताया है।

सितंबर में दिल्ली में अगली बैठक संभव

मुख्य सचिव ने बताया कि इस मुद्दे पर आगे की चर्चा सब-कमेटी की अगली बैठक में होने की संभावना है। यह बैठक सितंबर के पहले पखवाड़े में नई दिल्ली में आयोजित की जा सकती है। इसे सितंबर के पहले सप्ताह में कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

लेह हिंसा से जुड़े मामलों की भी समीक्षा

मुख्य सचिव ने पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के दौरान मारे गए और घायल लोगों से जुड़े मामलों तथा मुआवजे की मांग पर भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस मामले में 87 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जबकि नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और उनके मामले अदालत में विचाराधीन हैं।

कुंद्रा ने कहा कि मामले पर लद्दाख के उपराज्यपाल के साथ चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान ऐसे 25 मामलों की पहचान हुई, जिनमें कोई महत्वपूर्ण सबूत सामने नहीं आया।

उन्होंने कहा कि इन मामलों में एफआईआर वापस लेने और अदालत के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बाकी मामलों की भी पुलिस प्रमुख द्वारा उपलब्ध सबूतों के आधार पर समीक्षा की जाएगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।

लद्दाख की राजनीतिक मांगों पर बातचीत जारी

लद्दाख में पंचायत और हिल काउंसिल चुनाव की तैयारी ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब केंद्र सरकार, लद्दाख प्रशासन, LAB और KDA के बीच UT स्तर की निर्वाचित संस्था तथा क्षेत्र को अधिक वित्तीय, कार्यकारी और विधायी अधिकार देने की मांगों को लेकर बातचीत जारी है।

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