*हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता* *प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध: चंद्रशेखर*
*हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता*
*प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध: चंद्रशेखर*
*सरकाघाट, 20 अगस्त।* मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सोच है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति और परिवार तक पहुंचे तथा कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ पहल के तहत आयोजित किए जा रहे जनसंवाद कार्यक्रमों में बीपीएल परिवारों की जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली जा रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके। यह बात धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने वीरवार को शिव मंदिर, सरकाघाट परिसर में धर्मपुर क्षेत्र की पांच पंचायतों के लिए आयोजित खंड स्तरीय विशेष जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान कही।
चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सोच है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। प्रदेश सरकार की योजनाओं का केंद्र गरीब, जरूरतमंद और बीपीएल परिवारों का उत्थान है। जनसंवाद के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई पात्र परिवार जानकारी के अभाव अथवा किसी अन्य कारण से सरकारी योजना के लाभ से वंचित तो नहीं है। ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा स्पष्ट किया है कि सरकार सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई है। इसी सोच के साथ उन लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है, जो अभी तक विकास और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी सोच के तहत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में करीब छह हजार निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ घोषित कर राज्य सरकार उनकी अभिभावक के रूप में शिक्षा, रहने-खाने, देखभाल, विवाह, रोजगार और आवास जैसी आवश्यकताओं की जिम्मेदारी उठा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के कठिन समय में भी प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रभावित परिवारों की मदद की और उन्हें संकट से उबारने के लिए हरसंभव प्रयास किए।
केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आपदा राहत के तौर पर हिमाचल प्रदेश को 1,500 करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन यह राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किए गए इस वादे का हिसाब भी प्रदेश की जनता के सामने आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति देने के प्रयास किए गए हैं। किसान, बागवान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने किसानों, बागवानों, पशुपालकों, युवाओं, अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं और एकल महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये तथा भैंस के दूध का खरीद मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये और कच्ची हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। पहली बार अदरक के लिए भी 30 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त पेयजल और सड़क क्षेत्र में भी विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पात्र बीपीएल परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने की दिशा में भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ पहल के तहत पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने के साथ-साथ 300 यूनिट निःशुल्क बिजली तथा पात्रता के अनुसार 1,500 रुपये मासिक सहायता का लाभ भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुधार लाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर और समृद्ध हिमाचल के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। विकास की इस यात्रा में धर्मपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके पर लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, पात्रता तथा आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी। लोगों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव विधायक एवं अधिकारियों के समक्ष रखे।
कार्यक्रम के उपरांत विधायक चंद्रशेखर ने लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।