मुल्लांपुर दाखा में किसान मेले का आयोजन, नई आलू किस्मों और आधुनिक मशीनरी की दी गई जानकारी
मुल्लांपुर दाखा में किसान मेले का आयोजन, नई आलू किस्मों और आधुनिक मशीनरी की दी गई जानकारी
पंजाब डेस्क: लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा क्षेत्र में किसान मेले का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। पंजाब के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे किसानों को खास तौर पर आलू की खेती में नई तकनीक, उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि मशीनरी की जानकारी दी गई।
मेले में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के कृषि विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। उन्होंने किसानों की खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की और उनके सवालों के जवाब दिए।
आलू की खेती को लेकर किसानों को किया जागरूक
किसान मेले में आलू उत्पादक किसानों के लिए विशेष जानकारी सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों के बारे में किसानों को बताया।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से आलू की खेती के लिए चार किस्मों की सिफारिश की गई है। किसानों को इन किस्मों की विशेषताओं और खेती से जुड़े जरूरी पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई।
आधुनिक कृषि मशीनरी बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में कृषि उपकरणों और आधुनिक मशीनरी की प्रदर्शनी भी लगाई गई। किसानों ने अलग-अलग मशीनों के बारे में जानकारी हासिल की और खेती के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को विशेषज्ञों और मशीनरी से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ साझा किया।
किसानों को बताया गया कि आधुनिक मशीनरी का उचित इस्तेमाल खेती की लागत और मेहनत को कम करने में मदद कर सकता है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने दिए जवाब
मेले में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों की मौजूदगी किसानों के लिए खास आकर्षण रही। किसानों ने फसल उत्पादन, तकनीक और कृषि उपकरणों से जुड़े सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे।
विशेषज्ञों ने किसानों को उनकी समस्याओं के अनुसार जानकारी देने के साथ नई कृषि तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया।
एनआरआई किसानों ने भी साझा किए अनुभव
किसान मेले में विदेशों से आए कुछ एनआरआई किसान भी शामिल हुए। उन्होंने विदेशों में कृषि क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और खेती में इस्तेमाल होने वाली तकनीक तथा आधुनिक तरीकों को लेकर चर्चा की।
इस दौरान किसानों के बीच खेती को अधिक आधुनिक और लाभकारी बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ।
दूसरी बार आयोजित हुआ किसान मेला
मेले के आयोजकों के मुताबिक, यह आयोजन दूसरी बार किया गया है। पिछली बार भी मेले को किसानों की ओर से अच्छा प्रतिसाद मिला था। इस बार आयोजन को और व्यापक रूप दिया गया।
आयोजकों ने बताया कि मेले में सिर्फ आलू की खेती से संबंधित जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि कृषि उपकरण, मशीनरी और खेती से जुड़े अन्य उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए हैं।
किसानों और विशेषज्ञों के बीच हुआ सीधा संवाद
मेले में किसानों को कृषि विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिला। किसानों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और विशेषज्ञों से समाधान जानने की कोशिश की।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन किसानों को नई तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।