पंजाब में गोहत्या, गोतस्करी और गोमांस जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक, दोषियों को हो सकती है 10 साल तक की जेल

🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 jalandhar 📅 August 20, 2026 🌐 GPS: Jalandhar

जालंधर: पंजाब स्टेट गौ सेवा कमीशन के वाइस चेयरमैन प्रेम भगत ने आज राज्य के सभी जिलों के काऊ प्रोटेक्शन सेल के इंचार्ज SP और DSP के साथ मीटिंग की और इस बात पर जोर दिया कि राज्य में गाय के गोबर की सेवा, देखभाल और सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन हो।

लोकल सर्किट हाउस में हुई मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए वाइस चेयरमैन प्रेम भगत ने कहा कि पंजाब में गोहत्या, गाय की तस्करी और गाय के मांस जैसे गैर-कानूनी कामों पर पूरी तरह से रोक है और दोषियों को पंजाब काऊ स्लॉटर प्रिवेंशन अमेंडमेंट एक्ट 2011 के तहत 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसी तरह जानवरों, गाय के गोबर और सभी तरह के जानवरों पर होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट लागू है। इसके तहत दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पंजाब से किसी दूसरे राज्य में गाय का गोबर ले जाने का परमिट सिर्फ डिप्टी कमिश्नर ही जारी कर सकते हैं।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गोहत्या, तस्करी और बीफ के गैर-कानूनी कामों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर गाय मौके पर पकड़ी जाती है, तो उसे पास की सरकारी या प्राइवेट गौशाला में ले जाकर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए और इसकी जानकारी तुरंत पंजाब गौ सेवा कमीशन को भेजी जाए, ताकि कमीशन आगे की कार्रवाई कर सके। उन्होंने दूसरे राज्यों की सीमा से सटे जिलों के पुलिस अधिकारियों को और ज्यादा चौकस रहने के निर्देश दिए।

वाइस चेयरमैन ने अधिकारियों से कहा कि गाय की देखभाल और सुरक्षा से जुड़े कानूनों, पंजाब सरकार की तरफ से समय-समय पर जारी हिदायतों और कोर्ट की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि गाय की सही देखभाल और सुरक्षा पक्की हो सके। उन्होंने इस मौके पर पुलिस अधिकारियों के पूछे गए सवालों के संतोषजनक जवाब भी दिए।

बाद में मीडिया से बात करते हुए पंजाब राज्य गौ सेवा कमीशन के वाइस चेयरमैन प्रेम भगत ने कहा कि कमीशन गौधन की सही देखभाल और सुरक्षा पक्की करने के लिए लगातार काम कर रहा है। आज अलग-अलग जिलों के गौ रक्षा सेल के इंचार्जों के साथ मीटिंग की गई और उन्हें गौधन की देखभाल, देखभाल और सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग एक्ट और नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों को इन एक्ट और नियमों के बारे में निचले लेवल तक हर थाने और चौकी तक पूरी जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए हैं।

वाइस चेयरमैन ने कहा कि कमीशन ने बेसहारा गोधन को गोशालाओं तक पहुंचाने के लिए एक खास कैंपेन शुरू किया है, जिसके तहत उन्होंने राज्य के 19 जिलों में मीटिंग भी की हैं। कमीशन जल्द ही एक टोल फ्री नंबर भी जारी कर रहा है, जिस पर बेसहारा गोधन के बारे में जानकारी दी जा सकेगी।

मीटिंग में अलग-अलग जिलों से गो रक्षा सेल के अधिकारी, ऑल इंडिया गौरक्षा दल के प्रेसिडेंट सतीश कुमार, डिप्टी डायरेक्टर एनिमल हस्बैंड्री डॉ. राम मूर्ति मट्टू, असिस्टेंट डायरेक्टर बलवीर सिंह, डॉ. कुलविंदर सिंह, सीनियर वेटनरी ऑफिसर डॉ. जसबीर सिंह, डॉ. जगजीत सिंह और डॉ. अमनदीप, योगेश सूरी, सुदेश भगत, शिव काला, पूरन चंद वगैरह शामिल हुए।

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