कांग्रेस में ‘जयचंद’ और ‘स्लीपर सेल’ हावी: अपनी ही पार्टी पर बरसे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी

📍 स्थान / Location: शिमला 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Himachal Congress 📅 August 19, 2026 🌐 GPS: शिमला

शिमला। राजीव भवन में आयोजित हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी/अनुसूचित जनजाति विभाग के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान प्रदेश की सियासत में उस समय भारी हलचल मच गई, जब वरिष्ठ मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपनी ही सरकार व संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

लाहुल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा को विभाग की नई प्रदेश अध्यक्ष के रूप में औपचारिक पदभार ग्रहण कराने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में मंच पर आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया और प्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष विनय कुमार जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद थे। इसके अलावा इशारों इशारों में राजस्व मंत्री के बयान से पुरानी संगठन में की गयी नियुक्तियों को लेकर जताई गई आपत्ति भी इस मंच के माध्यम से एक बार फिर खुलकर जगजाहिर हो गई।बता दें इससे पहले भी राजस्व मंत्री किन्नौर के जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सवाल उठा चुके हैं।

समारोह में विधायक अनुराधा राणा को किसी विधायक के रूप में इस विभाग का पहला अध्यक्ष बनने पर बधाई देने के तुरंत बाद, मंत्री जगत सिंह नेगी ने सीधे संगठन में गहराती गुटबाजी, अनुशासनहीनता और अंदरूनी भितरघात पर प्रहार करना शुरू कर दिया। उन्होंने मंच पर मौजूद शीर्ष नेताओं और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर से आए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ तो हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जनविरोधी विचारधारा से देश भर में मुकाबला करने का दम भरते हैं, लेकिन दूसरी तरफ अपने ही संगठन के भीतर उन लोगों को सिर-आंखों पर बैठाया जा रहा है जिन्होंने पार्टी के साथ गद्दारी की है और जो हमेशा ‘जयचंद’ तथा ‘भगोड़े’ की भूमिका निभाते आए हैं।

​नेगी ने प्रदेश, जिला तथा ब्लॉक स्तर की हालिया नियुक्तियों को अत्यंत निराशाजनक और नकारात्मक सोच की पराकाष्ठा करार दिया। उन्होंने तीखे शब्दों में आरोप मढ़ा कि सालों से झंडा उठाकर, लाठियां खाकर पार्टी के प्रति निष्ठा रखने वाले धरातल के सच्चे कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा के ‘स्लीपर सेल’ के रूप में काम कर रहे और विपक्षी दल के खिलाफ कभी एक शब्द न बोलने वाले अवसरवादियों को मनोनयन का इनाम दिया जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि यदि निष्ठावान कार्यकर्ताओं की यूँ ही अनदेखी होती रही, तो जमीन पर संघर्ष करने वाला कोई कार्यकर्ता नहीं बचेगा और पार्टी महज कागजी नेताओं का ढांचा बनकर रह जाएगी।

​राजस्व मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वे इस मुद्दे को दबाने नहीं देंगे और जल्द ही सबूतों व प्रमाणों के साथ दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान (शीर्ष नेतृत्व) के समक्ष एक-एक विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट और इन ‘स्लीपर सेल’ की सूची रखेंगे। उन्होंने दोटूक कहा कि जब तक पार्टी अपने भीतर छिपे विभीषणों और दुश्मनों का सफाया नहीं करती, तब तक मैदान में भाजपा और आरएसएस जैसी विचारधारा से लड़ना महज एक छलावा है।

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