तरनतारन में किसानों को तकनीकी मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग, खेती में विविधता पर जोर
तरनतारन: किसानों की आमदनी बढ़ाने और पारंपरिक खेती पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से चोहला साहिब ब्लॉक के खारा गांव में ‘तकनीकी मधुमक्खी पालन’ विषय पर फार्म स्कूल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आत्मा (ATMA) योजना के तहत कृषि विभाग की ओर से आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. तेजबीर सिंह भंगू के मार्गदर्शन और चोहला साहिब के कृषि अधिकारी डॉ. अमरदीप सिंह की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन गांव के प्रगतिशील किसान सुखविंदर सिंह खारा के खेत में किया गया। सुखविंदर सिंह वर्तमान में करीब 70 मधुमक्खी बक्सों के जरिए मधुमक्खी पालन कर रहे हैं।
किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी
कार्यक्रम में कृषि विकास अधिकारी डॉ. प्रभसिमरन सिंह ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी और सरकारी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
खालसा कॉलेज अमृतसर ट्रेनिंग सेंटर से पहुंचे कृषि सूचना अधिकारी डॉ. जसविंदर सिंह भाटिया ने मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मधुमक्खियों की उचित देखभाल, पालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और बेहतर गुणवत्ता वाला शहद तैयार करने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी किसानों के साथ साझा की।
वर्मीकम्पोस्ट और सहायक व्यवसाय पर भी चर्चा
AEO डॉ. कंवलजीत सिंह ने किसानों को वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया और इसके कृषि उपयोग से होने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने जैविक खाद को खेती में शामिल करने के फायदे भी समझाए।
ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर डॉ. इंदरपाल सिंह ने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक फसल चक्र के साथ मधुमक्खी पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार कर सकते हैं।
प्रगतिशील किसान ने साझा किया अनुभव
मधुमक्खी पालन कर रहे किसान सुखविंदर सिंह खारा ने अपने अनुभव किसानों के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि उचित तकनीक और देखभाल के साथ मधुमक्खी पालन को कम लागत में लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सब-इंस्पेक्टर मुखविंदर सिंह, हरजीत सिंह, तलविंदर सिंह और रंजीत सिंह के अलावा असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर अश्वनी कुमार, गुरनिशान सिंह तथा क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।