ढालपुर में देवता गौहरी ने बांधा रक्षा सूत्र, श्रद्धालुओं को बांटा बिच्छू बूटी का प्रसाद

📍 स्थान / Location: Kullu 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Devta Gohari 📅 August 18, 2026 🌐 GPS: KULLU

कुल्लूः हिमाचल प्रदेश में भादो मास की शुरुआत हो चुकी है और इस मास को हिमाचल प्रदेश में काला महीना के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में इस पूरा महीना आसुरी शक्तियां काफी हावी रहती है। जिसके चलते घाटी के सभी देवी देवता अपने-अपने इलाके की रक्षा के लिए देव कार्यों को पूरा करते हैं।

इसी कड़ी में जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में भी देवता गौहरी के द्वारा आसुरी शक्तियों से बचाव के लिए रक्षा सूत्र बांधा गया। वहीं महंत बेहड़ में देव खेल का भी आयोजन किया गया। इस दौरान देवता के गुर के द्वारा बिच्छू बूटी के साथ देव खेल की गई और उसके बाद सभी श्रद्धालुओं को बिच्छू बूटी का भी प्रसाद बांटा गया। मान्यता है कि इस बिच्छू बूटी के प्रसाद को घर ले जाने पर आसुरी शक्तियां प्रवेश नहीं करती है और परिवार के लोगों की बुरी शक्तियों से भी रक्षा होती है। ऐसे में देवता गौहरी के द्वारा पूरे इलाके में रक्षा सूत्र भी बांधा गया और अपने भक्तों को बुरी शक्तियों से बचाव का भी आशीर्वाद दिया गया।

देवता गौहरी के कारदार राजकुमार महंत ने बताया कि पिछले दिन से ही देवता पूरे इलाके का भ्रमण कर रहे हैं और घर-घर जाकर लोगों को आशीर्वाद भी दे रहे हैं। ऐसे में मंगलवार को भी देवता के द्वारा महंत बेहड़ में देव कार्य को पूरा किया गया और सभी लोगों को आसुरी शक्तियों से बचाव का आशीर्वाद भी दिया गया। देवता की पूरे इलाके में काफी मान्यता है और देवता बुरी शक्तियों से अपने भक्तों का बचाव करते हैं।

गौर रहे कि भादो महीने के अवसर पर देवताओं और आसुरी शक्तियों के बीच युद्ध भी होता है और देवी देवता अपने-अपने जागरण अवसर पर इस पूरे युद्ध का बखान भी करते हैं। कहा जाता है कि देवताओं और डायनो का युद्ध मंडी जिला की गोगराधार की पहाड़ी पर होता है। ऐसे में देवताओं के द्वारा भादो महीने के अंतिम दिनों में युद्ध का वर्णन किया जाता है और यह भी कहा जाता है कि इस बार यह युद्ध डायनों के द्वारा जीत गया है या फिर इस युद्ध में देवताओं की जीत हुई है।

ऐसे में भादो मास में शुभ कार्यों पर भी रोक लग जाती है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में नव विवाहित महिला भी अपने मायके चली जाती है और काला महीना खत्म होने के बाद ही अपने ससुराल वापस लौटती है। कहा जाता है कि अगर इस काला महीना में नव विवाहित महिला और सास एक साथ रहे तो उनके बीच पूरा जीवन अनबन रहती है और दोनों के संबंध कभी भी ठीक नहीं होते हैं।

 

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